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कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक में कसा शिकंजा: विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, पीएम सूर्य घर योजना की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

बिलासपुर | 03 मार्च 2026 रिपोर्ट: अमित पवार (प्रधान संपादक)

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज समय-सीमा (TL) की साप्ताहिक बैठक में जिले के विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर का कड़ा रुख देखने को मिला, खासकर ‘पीएम सूर्य घर योजना’ की कछुआ चाल पर उन्होंने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट प्रावधानों को कागजों से निकालकर धरातल पर लाने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

15 करोड़ से ऊपर के कामों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में स्वीकृत कार्यों की डीपीआर (DPR) तुरंत तैयार कर शासन को भेजें। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि 15 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले सभी निर्माण कार्यों को अनिवार्य रूप से ‘प्रगति पोर्टल’ पर दर्ज किया जाए, ताकि उनकी रीयल-टाइम मॉनिटरिंग हो सके।

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तालाबों के गहरीकरण से निपटेगी मुरूम की किल्लत निर्माण कार्यों के लिए मिट्टी और मुरूम की कमी को दूर करने के लिए कलेक्टर ने एक व्यावहारिक समाधान निकाला है। उन्होंने जिले के 200 से 300 तालाबों को चिन्हित कर वहां से मिट्टी-मुरूम उठाने के निर्देश दिए हैं। इससे न केवल निर्माण कार्यों को गति मिलेगी, बल्कि तालाबों के गहरीकरण से उनकी जल भराव क्षमता भी बढ़ेगी। साथ ही, भू-जल स्तर सुधारने के लिए निर्माण स्थलों के पास ‘इंजेक्शन वेल’ बनाने पर भी जोर दिया गया।

बैठक के मुख्य बिंदु: अवैध प्लॉटिंग पर वार: शहर और आसपास के इलाकों में अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश।
​जनगणना कार्य: जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश ताकि काम समय पर पूरा हो।
​किसानों को राहत: कृषि विभाग को सोसायटियों में 40 से 50 प्रतिशत खाद का अग्रिम उठाव सुनिश्चित करने को कहा गया।
​पीड़ित सहायता: अज्ञात वाहन से दुर्घटना में मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को शासन की सहायता राशि दिलाने के लिए अधिकारियों को खुद पहल करने के निर्देश।

बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने अंत में दो टूक शब्दों में कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य प्राप्त करना अनिवार्य है।

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