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बिलासपुर: निगम की लापरवाही से ‘स्लिपरी’ हुआ राजकिशोर नगर मुख्य मार्ग, हादसों को खुला न्योता

रिपोर्ट:अमित पवारप्रधान संपादक

बिलासपुर। शहर के राजकिशोर नगर से तोरवा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। नगर निगम की महत्वाकांक्षी ‘जल आवर्धन योजना’ अब आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बन चुकी है। पाइपलाइन विस्तार के नाम पर बरती जा रही घोर लापरवाही ने इस व्यस्त सड़क को ‘डेथ ट्रैप’ में तब्दील कर दिया है, जहाँ हर पल किसी बड़ी अनहोनी का डर बना रहता है।

रेत और मिट्टी के ढेर बने जान के दुश्मन​

सड़क पर पाइपलाइन बिछाने के बाद ठेका कंपनी ने खुदाई से निकली रेत और मिट्टी को मुख्य मार्ग पर ही बेतरतीब ढंग से फैलाकर छोड़ दिया है। स्थिति यह है कि डामर वाली सड़क अब पूरी तरह से ‘स्लिपरी’ हो चुकी है। दोपहिया वाहनों की सड़क पर पकड़ (ग्रिप) खत्म होने के कारण विशेषकर महिला चालक, बुजुर्ग और कॉलेज जाने वाले छात्र लगातार फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा

धूल और गड्ढों के बाद अब ‘फिसलन’ की मार

राजकिशोर नगर के रहवासियों के लिए यह परेशानी नई नहीं है। पहले पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढों और उड़ती धूल ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था, और अब रही-सही कसर बिखरी हुई रेत ने पूरी कर दी है। स्थानीय निवासियों में निगम प्रशासन और निर्माण एजेंसी के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।

लायंस कंपनी और ठेकेदार की टालमटोल

​’खबर ताजा न्यूज’ की टीम ने जब ग्राउंड जीरो पर वस्तुस्थिति का जायजा लिया, तो सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी पाई गई। इस संबंध में जब लायंस कंपनी के सुपरवाइजर से बात की गई, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सारा दोष ‘संबंधित ठेकेदार’ पर मढ़ दिया। सुपरवाइजर का तर्क था कि सड़क की सफाई झाड़ू से संभव नहीं है, इसके लिए संसाधन (रापा आदि) की आवश्यकता है।

​यह जवाब दर्शाता है कि कंपनी और ठेकेदार के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम जनता अपनी जान जोखिम में डालकर भुगत रही है। उन्हें स्पष्ट शब्दों में सचेत किया गया है कि जनहित को देखते हुए कार्यस्थल को अविलंब व्यवस्थित करें और मार्ग से रेत हटाएं।

अब सवाल यह उठता है कि क्या नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस आपसी टालमटोल पर संज्ञान लेंगे, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी?

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