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रिपोर्ट: अमित पवार प्रधान संपादक

बिलासपुर। पश्चिम एशियाई संकट के बीच एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक खबरों पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर कार्यालय (खाद्य शाखा) बिलासपुर द्वारा एक आधिकारिक आदेश जारी कर ‘फेक न्यूज’ की निगरानी हेतु एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
यह समिति विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पैनी नजर रखेगी ताकि गलत सूचनाओं के कारण समाज में किसी भी प्रकार का भ्रम या पैनिक न फैले।
समिति में शामिल हैं प्रशासनिक अधिकारी और विशेषज्ञ
जारी आदेश के अनुसार, अपर कलेक्टर श्री शिव कुमार बनर्जी को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में खाद्य, जनसंपर्क और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस टीम में साइबर सेल के निरीक्षक श्री गोपाल सतपथी और प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री अजीत मिश्रा सहित वरिष्ठ पत्रकारों को भी जगह दी गई है, ताकि तकनीकी और जमीनी दोनों स्तरों पर खबरों की सत्यता जांची जा सके।
होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
निगरानी समिति का मुख्य कार्य सोशल मीडिया पर वायरल हो रही संदिग्ध खबरों की तत्काल पहचान करना होगा। यदि कोई व्यक्ति या समूह जानबूझकर अफवाह या फेक न्यूज फैलाते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आईटी कानून (IT Act) और आईपीसी (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संकट के समय में आम जनता तक केवल आधिकारिक और पुष्ट जानकारी ही पहुँचनी चाहिए। जिला प्रशासन की इस पहल से जिले में सूचना तंत्र की विश्वसनीयता बनी रहेगी और असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई जाने वाली भ्रामक खबरों पर रोक लगेगी।
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