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सुशासन के दावों के बीच बदहाल सड़कें: अंकित गौरहा ने कलेक्टर व निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, उग्र आंदोलन की चेतावनी

रिपोर्ट : अमित पवार प्रधान संपादक

बिलासपुर/बेलतरा: क्षेत्र में सड़कों की जर्जर स्थिति और प्रशासन की अनदेखी को लेकर जन-आक्रोश गहराता जा रहा है। एक ओर सरकार सुशासन के बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर बेलतरा क्षेत्र की मुख्य सड़कें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की है।

जर्जर सड़कों से बढ़ रही दुर्घटनाएं और स्वास्थ्य का खतरा​

ज्ञापन के माध्यम से अंकित गौरहा ने प्रशासन का ध्यान अशोकनगर–बिरकोना मार्ग और सीपत चौक से राजकिशोर नगर मुख्य मार्ग की दयनीय स्थिति की ओर आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि अशोकनगर–बिरकोना मार्ग लंबे समय से उपेक्षित है।

​गर्मी में धूल का गुबार: सड़क से उड़ने वाली अत्यधिक धूल के कारण स्थानीय निवासी श्वास संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।​

बारिश में कीचड़ और जलभराव: मानसून के दौरान यह मार्ग दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।​

गड्ढों का जाल: सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन रहे हैं।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल​

गौरहा ने क्षेत्र में चल रहे नाली निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता और तकनीकी मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। स्थानीय नागरिकों में निर्माण कार्य की घटिया गुणवत्ता को लेकर भारी नाराजगी है। ज्ञापन में मांग की गई है कि इन कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

लापरवाही के साक्ष्य सीसीटीवी में कैद​

सीपत चौक से राजकिशोर नगर मार्ग की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सड़क खुदाई के बाद विभाग ने न तो सुरक्षा बैरिकेडिंग की है और न ही कोई संकेतक लगाए हैं। हाल ही में हुए कई सड़क हादसे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुए हैं, जो स्पष्ट रूप से विभागीय लापरवाही को उजागर करते हैं।​”यदि 15 दिनों के भीतर मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हम क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।” — अंकित गौरहा

स्थानीय स्तर पर प्रयास

पर प्रशासन मौन​ मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी अमित फडणवीस ने प्रशासन की सुस्ती पर सवाल उठाते हुए स्वयं पहल की। उन्होंने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गड्ढों के चारों ओर रेडियम और बांस की बैरिकेडिंग कर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया, जिससे हादसों में कुछ कमी आई है। हालांकि, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग अभी भी इस गंभीर स्थिति से बेखबर बने हुए हैं।​जनता की सुरक्षा को दांव पर लगाकर किए जा रहे इन विकास कार्यों और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ अब क्षेत्र में विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं।

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