Popular Posts

बिलासपुर: नगर निगम की नाक के नीचे मौत का ‘जुगाड़’, ठेकेदार के इंजिनियर का गैर-जिम्मेदाराना तर्क- ‘बीमा है तो क्या जान की कीमत नहीं?’

रिपोर्ट:
अमित पवार
प्रधान संपादक

whatsapp image 2026 03 13 at 21.54.20

बिलासपुर | राज किशोर नगर स्थित जोन क्रमांक 07 कार्यालय के सामने चल रहे पाइप बिछाने के कार्य में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। JCB के लोडर पर चढ़कर बिजली के तारों से हुक फंसाने के मामले में अब ठेकेदार के इंजीनियर का एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है, जो मजदूरों की सुरक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

इंजीनियर का तर्क: ‘बीमा है, इसलिए डर नहीं’
​जब इस जानलेवा कार्यप्रणाली के संबंध में संबंधित ठेकेदार के इंजीनियर से बात की गई, तो उनका जवाब सुरक्षा नियमों को ताक पर रखने वाला था। इंजीनियर का कहना है कि “हमने सभी मजदूरों का बीमा करवा रखा है।” सवाल यह उठता है कि क्या बीमा की राशि किसी व्यक्ति के जीवन का विकल्प हो सकती है? क्या बीमा होने मात्र से ठेकेदार को यह छूट मिल जाती है कि वह मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरणों के मौत के जाल (नंगे तारों) के पास भेज दे?

मजदूरों पर फोड़ा ठीकरा, बिजली चोरी की दी सलाह
​इंजीनियर ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सारा दोष मजदूरों पर मढ़ दिया। उनका दावा है कि मजदूरों को ऐसा करने से मना किया जाता है, लेकिन वे अपनी मर्जी से हुक लगाते हैं। इतना ही नहीं, इंजीनियर ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने मजदूरों को ‘किसी के घर से बिजली कनेक्शन लेने’ की बात कही थी।

कानूनी पक्ष: जानकारों के मुताबिक, किसी भी निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार को अस्थायी बिजली कनेक्शन (Temporary Connection) लेना अनिवार्य होता है। किसी निजी घर से बिजली लेना या सीधे खंभे से हुक फंसाना ‘बिजली चोरी’ और ‘इलेक्ट्रिसिटी एक्ट’ के तहत दंडनीय अपराध है।

मौके से गायब रहे जिम्मेदार
​ग्राउंड जीरो पर हकीकत यह थी कि मध्य प्रदेश के निवासी JCB चालक रिजवान अंसारी और अन्य मजदूर बिना किसी हेलमेट, ग्लव्स या सुरक्षा घेरे के काम कर रहे थे। मौके पर न तो कोई सुपरवाइजर मौजूद था और न ही निगम का कोई अधिकारी। ठेकेदार द्वारा सुरक्षा की जिम्मेदारी मजदूरों के ‘स्वयं के विवेक’ पर छोड़ देना यह दर्शाता है कि यहाँ काम सिर्फ खानापूर्ति के लिए हो रहा है, सुरक्षा के लिए नहीं।

657

मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं:
​क्या नगर निगम बिलासपुर ऐसे ठेकेदारों पर कार्रवाई करेगा जो सरेआम बिजली चोरी और जानलेवा कार्य को बढ़ावा दे रहे हैं?
​यदि हुक लगाते समय कोई बड़ा हादसा होता, तो क्या ‘बीमा’ का तर्क उस जान की भरपाई कर पाता?
​सरकारी प्रोजेक्ट्स में अस्थायी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

khabar taza

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *