Popular Posts

बिलासपुर में भू-माफिया पर अदालत सख्त, प्रफुल्ल झा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

रिपोर्ट: अमित पवार प्रधान संपादक

बिलासपुर। शहर में वृद्ध महिला की संपत्ति से जुड़े बहुचर्चित धोखाधड़ी मामले में आरोपी प्रफुल्ल झा को अदालत से बड़ा झटका लगा है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दर्ज 50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार के मामलों में राहत दिए जाने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

मामला उस समय सामने आया जब प्रार्थी राजेश हर्षपाल ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि आरोपी प्रफुल्ल झा ने वृद्ध महिला की संपत्ति की देखरेख के नाम पर प्राप्त पॉवर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग किया और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर लगभग 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 631/26 के तहत धारा 420 के अंतर्गत अपराध दर्ज किया है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी की ओर से न्यायालय में अग्रिम जमानत आवेदन क्रमांक 859/26 प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने केस डायरी और उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन किया, जिसमें आरोपी की प्रथम दृष्टया संलिप्तता स्पष्ट पाई गई। वहीं प्रार्थी पक्ष ने भी जमानत दिए जाने का कड़ा विरोध किया।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान समय में फर्जी दस्तावेजों और जालसाजी के जरिए धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे मामलों में यदि आरोपियों को प्रारंभिक स्तर पर राहत दी जाती है तो इससे अपराधियों के हौसले बढ़ेंगे और समाज में नकारात्मक संदेश जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि मामला अभी विवेचना के चरण में है तथा जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य और दस्तावेज सामने आ सकते हैं। ऐसे में इस स्तर पर आरोपी को अग्रिम जमानत देना उचित नहीं माना जा सकता।

प्रकरण की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों तथा प्रार्थी की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 482 के अंतर्गत प्रस्तुत अग्रिम जमानत आवेदन को निरस्त कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच और कार्रवाई में जुटी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *