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रिपोर्ट:
अमित पवार
प्रधान संपादक

बिलासपुर | गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रदेश के मध्यमवर्गीय और जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। ताजा मामला बिलासपुर के देवरीखुर्द का है, जहाँ सिकलसेल जैसी घातक बीमारी से जूझ रहे 15 वर्षीय बालक शिवांश रामटेके के लिए सरकार की संवेदनशीलता उम्मीद की नई किरण लेकर आई है।
महंगे इलाज की चिंता और शासन का सहारा
देवरीखुर्द निवासी मनीष रामटेके एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं। उनके बेटे शिवांश को सिकलसेल की गंभीर समस्या थी, जिसके इलाज का खर्च सामान्य आय वाले परिवार की पहुंच से कोसों दूर था। आर्थिक तंगी के कारण इलाज में आ रही बाधाओं के बीच परिवार को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली। मनीष रामटेके ने बिना देरी किए योजना के तहत आवेदन किया, जिसे शासन द्वारा त्वरित स्वीकृति देते हुए 15 लाख रुपए की बड़ी सहायता राशि मंजूर की गई।
परिवार में लौटी खुशियां
इलाज के बाद शिवांश अब पूरी तरह स्वस्थ है और डॉक्टरों की नियमित निगरानी में है। बेटे की मुस्कान देख भावुक हुए पिता मनीष रामटेके ने कहा कि, “एक समय था जब हम पूरी तरह हताश हो चुके थे, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की संवेदनशीलता ने मेरे बेटे को नया जीवन दिया है।” उन्होंने इस मानवीय पहल के लिए प्रदेश सरकार का सहृदय आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के जरिए दी गई इस मदद ने न केवल एक बच्चे की जान बचाई, बल्कि एक परिवार को आर्थिक बिखराव से भी उबार लिया है।

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