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रामदास अठावले की दो टूक: “आरक्षण खत्म करने की बात तभी, जब देश से जातिवाद पूरी तरह खत्म हो”

रिपोर्ट:- अमित पवार संपादक खबर ताजा न्यूज

बिलासपुर प्रेस क्लब में केंद्रीय राज्यमंत्री ने आरक्षण, जातीय जनगणना और महिला आरक्षण पर रखी बात; छत्तीसगढ़ में RPI के विस्तार का ऐलान, बोले- सीट मिली तो NDA के साथ लड़ेंगे चुनाव

बिलासपुर। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री रामदास अठावले ने बुधवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने आरक्षण, जातीय जनगणना, सामाजिक समानता, महिला आरक्षण, निजी क्षेत्र में आरक्षण, रोजगार, राहुल गांधी की राजनीति और छत्तीसगढ़ में RPI के विस्तार समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

आरक्षण को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने स्पष्ट कहा कि देश में जब तक जातिवाद और जातिगत भेदभाव पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक आरक्षण खत्म करने की बात करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े तथा ऐतिहासिक रूप से वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है।

अठावले ने कहा कि शहरों में सामाजिक परिस्थितियों में बदलाव आया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी दलितों और आदिवासियों के साथ भेदभाव और अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में सामाजिक समानता स्थापित किए बिना आरक्षण की व्यवस्था खत्म करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में जातिवाद पूरी तरह समाप्त हो जाता है और समाज में वास्तविक समानता स्थापित होती है, तो आरक्षण की आवश्यकता पर विचार किया जा सकता है।

जातीय जनगणना से सामने आएगी वास्तविक तस्वीर

जातीय जनगणना के मुद्दे पर अठावले ने कहा कि इससे देश में विभिन्न जातियों की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने पर विचार किया जाता है तो उस पर चर्चा की जा सकती है। उनके मुताबिक सामाजिक न्याय का उद्देश्य किसी एक वर्ग को दूसरे के खिलाफ खड़ा करना नहीं, बल्कि सभी को समान अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए।

उन्होंने सामाजिक समानता के लिए केवल राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों तक सीमित रहने के बजाय समाज के बीच आपसी दूरी कम करने पर भी जोर दिया। अंतरजातीय विवाह और विभिन्न समाजों के बीच पारिवारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता के लिए आपसी रिश्तों में भी बदलाव जरूरी है।

जातीय जनगणना से सामने आएगी वास्तविक तस्वीर

जातीय जनगणना के मुद्दे पर अठावले ने कहा कि इससे देश में विभिन्न जातियों की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने पर विचार किया जाता है तो उस पर चर्चा की जा सकती है। उनके मुताबिक सामाजिक न्याय का उद्देश्य किसी एक वर्ग को दूसरे के खिलाफ खड़ा करना नहीं, बल्कि सभी को समान अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए।

उन्होंने सामाजिक समानता के लिए केवल राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों तक सीमित रहने के बजाय समाज के बीच आपसी दूरी कम करने पर भी जोर दिया। अंतरजातीय विवाह और विभिन्न समाजों के बीच पारिवारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता के लिए आपसी रिश्तों में भी बदलाव जरूरी है।

निजी क्षेत्र में आरक्षण को लेकर जताई चिंता

निजी क्षेत्र में आरक्षण के सवाल पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं और कई संस्थान निजी क्षेत्र में जा रहे हैं। ऐसे में आरक्षण के दायरे को लेकर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

उन्होंने दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के युवाओं से केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर नहीं रहने की अपील की। अठावले ने युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता और एमएसएमई के क्षेत्र में आगे बढ़ने की सलाह दी।

महिला आरक्षण जल्द लागू करने की मांग

महिला आरक्षण पर अठावले ने कहा कि राजनीति और संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों का समर्थन करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के महिला अधिकारों से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया।

छत्तीसगढ़ में RPI के विस्तार पर जोर

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अठावले ने छत्तीसगढ़ में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पार्टी की मौजूदगी पहले से है, लेकिन संगठन को और मजबूत करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि RPI सतनामी, दलित, OBC, ब्राह्मण, वैश्य समेत सभी समाजों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है। उनका दावा है कि आने वाले समय में पार्टी छत्तीसगढ़ में एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में उभर सकती है।

भाजपा से गठबंधन पर बोले- सीट मिली तो साथ लड़ेंगे चुनाव

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के साथ गठबंधन के सवाल पर अठावले ने कहा कि RPI एनडीए का हिस्सा है। यदि भाजपा छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी को सीट देती है तो गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा 4-5 सीटें देती है तो उस पर विचार किया जाएगा। वहीं, पर्याप्त सीटें नहीं मिलने की स्थिति में RPI करीब 8 से 10 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का प्रयास कर सकती है। अठावले ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने छत्तीसगढ़ में चुनाव नहीं लड़ा था और भाजपा के पक्ष में प्रचार किया था।

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर उन्हें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रधानमंत्री की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन गलत आरोप लगाने से बचना चाहिए।

अठावले ने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लिए प्रधानमंत्री बनना आसान नहीं होगा।

छत्तीसगढ़ को मंत्रालय की योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा

अठावले ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की योजनाओं का छत्तीसगढ़ को अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रस्ताव आने पर मंत्रालय की योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित योजनाओं का भी उल्लेख किया। दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण और सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को केंद्र की योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया।

युवाओं से बोले- सिर्फ नौकरी के पीछे न भागें

केंद्रीय राज्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे केवल सरकारी नौकरी को ही अपना लक्ष्य न बनाएं। उन्होंने कौशल विकास के साथ एमएसएमई, स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की।

अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा दे रही है और देश में उद्योग एवं व्यापार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।

बिलासपुर प्रेस क्लब में हुई इस पत्रकार वार्ता में अठावले ने आरक्षण और सामाजिक न्याय से लेकर छत्तीसगढ़ की चुनावी राजनीति तक कई मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि RPI का मूल उद्देश्य सामाजिक न्याय, समान अवसर और सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना है। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ में पार्टी संगठन को मजबूत कर आने वाले चुनावों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत दिए।

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