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मृत्युकालीन कथन की प्रक्रिया पर अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण, साक्ष्यों की मजबूती पर जोर

रिपोर्ट:- अमित पवार संपादक खबर ताजा न्यूज

बिलासपुर, 7 सितंबर 2026। मृत्युकालीन कथन लेखबद्ध करने की मानक संचालन प्रक्रिया के प्रभावी पालन को लेकर सोमवार को मंथन सभा कक्ष, बिलासपुर में प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, लोक अभियोजक और चिकित्सा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और एसएसपी श्री रजनेश सिंह भी मौजूद रहे।

कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि किसी अपराध के मामले में मृत्युकालीन कथन महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि बयान दर्ज करते समय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि संबंधित व्यक्ति किसी प्रकार के दबाव में न हो और पूरी तरह होश में अपनी बात कहने की स्थिति में हो। उन्होंने कहा कि मृत्युकालीन कथन की वैधानिकता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पूरी गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुलिस, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय के साथ साक्ष्यों का संकलन किया जाए, ताकि न्यायालय में प्रकरण मजबूती से प्रस्तुत हो सके। दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाना और समाज में सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कार्यशाला में अधिकारियों से फील्ड स्तर पर विवेचना के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और अनुभवों को साझा करने की बात कही। उन्होंने निर्देशानुसार विवेचना की प्रक्रिया अपनाने तथा साक्ष्यों के बेहतर संकलन पर जोर दिया, जिससे न्यायालय में मामलों की प्रभावी पैरवी हो सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान लोक अभियोजन अधिकारी सुश्री वीणा सिंह और सुश्री श्वेता कुर्रे ने मृत्युकालीन कथन लेखबद्ध करने से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बयान दर्ज करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और निर्धारित प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

कार्यशाला में एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग के निर्देश तथा माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में मृत्युकालीन कथन लेखबद्ध किए जाने संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

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