Popular Posts

बिलासपुर में गरमाई सियासत: पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने विधायक अमर अग्रवाल से मांगा इस्तीफा, विधानसभा में सवालों के आंकड़े पर उठाए गंभीर सवाल

रिपोर्ट :- अमित पवार प्रधान संपादक खबर ताजा न्यूज

बिलासपुर:स्थानीय राजनीति में एक बार फिर तीखा भूचाल आ गया है। बुधवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित एक अहम पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय विधायक अमर अग्रवाल की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े करते हुए सीधे इस्तीफे की मांग कर दी है। प्रेसवार्ता में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि लंबे राजनीतिक अनुभव के बावजूद शहर बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है और विधानसभा में जनता की आवाज को प्रभावी तरीके से नहीं उठाया जा रहा है।

प्रेस क्लब में आयोजित इस वार्ता में पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी, नेता-प्रतिपक्ष भरत कश्यप और उप-नेता प्रतिपक्ष रामा बघेल ने संयुक्त रूप से सरकार और स्थानीय विधायक को कटघरे में खड़ा किया। कांग्रेस नेताओं का तर्क था कि छत्तीसगढ़ गठन के बाद के अधिकांश समय में बिलासपुर का नेतृत्व करने वाले जनप्रतिनिधि यदि आज भी शहर को जलभराव, बदहाल सड़कों, पेयजल संकट और बढ़ती नशाखोरी जैसी समस्याओं से मुक्त नहीं करा पाए हैं, तो इसकी नैतिक जवाबदेही तय होनी चाहिए।

विधानसभा में शून्य प्रश्नों का दावा और सियासी संग्राम​

प्रेसवार्ता के दौरान सबसे तीखा प्रहार पूर्व विधायक शैलेष पांडेय की ओर से देखने को मिला। उन्होंने विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दावा किया कि वर्तमान विधायक अमर अग्रवाल के खाते में पिछले ढाई वर्षों के दौरान एक भी प्रश्न दर्ज नहीं है, यानी सदन में उनका प्रश्नकाल पूरी तरह शून्य रहा है। इसके विपरीत उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान 392 प्रश्न उठाकर स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही। नेताओं ने सवाल उठाया कि जब अन्य जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सदन की पटल पर मजबूती से रख रहे हैं, तब बिलासपुर के मामलों पर चुप्पी क्यों साधी जा रही है।

स्मार्ट सिटी परियोजना और जलभराव पर बरसे नेता​

शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत खर्च हुए भारी-भरकम बजट और हालिया बारिश के दौरान हुए जलभराव पर भी कड़ा रोष व्यक्त किया गया। कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने आरोप लगाया कि करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पहली ही बारिश में शहर पानी में डूब गया, जिससे आम नागरिकों के घरों और जरूरी दस्तावेजों को भारी नुकसान पहुंचा। प्रशासन की ओर से दी जा रही राहत राशि को नाकाफी बताते हुए वास्तविक नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की गई। साथ ही, संकट के समय जन प्रतिनिधियों की मैदानी मौजूदगी को लेकर भी तीखे कटाक्ष किए गए।

स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी मुद्दों पर भी घेराव

​पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने शहर के अन्य ज्वलंत मुद्दों को उठाते हुए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था, ट्रेनों की बार-बार निरस्ती, हवाई सेवाओं के विस्तार का अभाव, बढ़ी हुई बिजली दरों, निजी विद्यालयों की मनमानी फीस और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया। इसके अलावा, केंद्रीय विश्वविद्यालय में एलएलबी परीक्षा के दौरान सामने आए प्रश्नपत्र लीक मामले को विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार देते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई गई।

कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास और जनता के अधिकारों की लड़ाई है। यदि जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाई गई, तो आंदोलन को सड़क से लेकर सदन तक और अधिक व्यापक किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *