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साहित्यिक सृजन और जन्मोत्सव का अनूठा संगम: संकेत साहित्य समिति की मासिक काव्य गोष्ठी संपन्न

रिपोर्ट :- अमित पवार प्रधान संपादक खबर ताजा न्यूज

संकेत साहित्य समिति की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन समिति के अध्यक्ष राकेश खरे ‘राकेश’ के राजकिशन नगर स्थित आवास पर गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। साहित्य और उत्सव के इस समागम ने उपस्थित श्रोताओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध रखा।

काव्य और सृजन का दौर

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ गजलकार श्री केवल कृष्ण पाठक ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में असित वरुण दास एवं वरिष्ठ अधिवक्ता पी.के. खुरशैल उपस्थित रहे। गोष्ठी का सफल संचालन हरबंस शुक्ल ने अपनी ओजस्वी शैली में किया। कार्यक्रम के प्रथम चरण में कवियों ने गीत, गजल, सजल, हास्य-व्यंग्य और नई कविताओं के माध्यम से अपनी सृजनात्मकता का प्रदर्शन किया। वंदना खरे, अनुपमा दास, विजय कल्याणी तिवारी, अमृतलाल पाठक, कृष्ण कुमार ठाकुर, राहुल श्रीवास्तव, शिव शरण श्रीवास्तव ‘अमल’, नरेंद्र कुमार शुक्ल ‘अविचल’, राजकुमार द्विवेदी ‘बिंब’ और मयंक मणि दुबे की प्रस्तुतियों ने गोष्ठी में रस की धारा बहा दी।

जन्मोत्सव और सम्मान समारोह

कार्यक्रम का द्वितीय चरण विशेष रूप से उत्सवधर्मी रहा। इस अवसर पर समाज और साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वाले साहित्यकारों का भव्य सम्मान किया गया। सम्मानित होने वाले विद्वानों में श्रीमती अनुपमा दास, केवल कृष्ण पाठक, विजय तिवारी, अमृतलाल पाठक, शिव शरण श्रीवास्तव ‘अमल’, हरवंश शुक्ल, नरेंद्र कुमार शुक्ल ‘अविचल’, राकेश खरे ‘राकेश’, राजकुमार द्विवेदी ‘बिंब’ और मयंक मणि दुबे शामिल रहे। सभी को पुष्प गुच्छ, जन्मोत्सव सम्मान पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।

साहित्य समाज का दर्पण

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ गजलकार श्री केवल कृष्ण पाठक ने कहा कि साहित्यकार समाज का प्रहरी होता है। उन्होंने समाज में आदर्श स्थापित करने हेतु जन-जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि साहित्य के माध्यम से ही समाज की विसंगतियों को दूर किया जा सकता है।

​कार्यक्रम के अंत में समिति के अध्यक्ष राकेश खरे ‘राकेश’ ने सभी अतिथियों और साहित्यकारों के प्रति आभार व्यक्त किया और गोष्ठी के समापन की घोषणा की।

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