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रिपोर्ट :- अमित पवार प्रधान संपादक खबर ताजा न्यूज
बिलासपुर | छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. श्रीमती किरणमयी नायक और प्रभारी सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया की उपस्थिति में आज बिलासपुर स्थित जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की जनसुनवाई आयोजित की गई। आयोग द्वारा प्रदेश स्तर पर 411वीं और जिला स्तर पर यह 23वीं जनसुनवाई थी, जिसमें कुल 47 प्रकरणों पर सुनवाई की गई।

भरण-पोषण से बचने के लिए रची साजिश: एनडीपीएस मामले की फिर होगी जांचसुनवाई के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया, जिसमें आवेदिका ने आरोप लगाया कि उसके पिता, जो मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत हैं, ने भरण-पोषण से बचने के लिए उनकी मां को एक सुनियोजित साजिश के तहत एनडीपीएस (NDPS) के झूठे मामले में फंसाया है। आवेदिका ने बताया कि उनके पिता ने घर की छत पर नशीली दवाएं रखवाकर पुलिस से कार्रवाई करवाई, जिसके चलते उनकी मां पिछले छह माह से जेल में हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने एडिशनल एसपी रश्मित कौर चावला को निर्देश दिए कि सरकंडा थाना अंतर्गत दर्ज एफ.आई.आर. में जब्त की गई दवाइयों के बैच नंबर और उनकी खरीद-बिक्री की गहन जांच की जाए। साथ ही, आयोग ने आवेदिका को कुटुम्ब न्यायालय में भरण-पोषण की वसूली और पिता के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने के लिए मार्गदर्शन दिया।

अन्य मामलों में आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रियाजनसुनवाई में अन्य प्रकरणों का निपटारा करते हुए आयोग ने आपसी सुलह और संबंधित अधिकारियों को उचित कार्यवाही के निर्देश दिए। कुछ मामलों में सुलह होने पर प्रकरण नस्तीबद्ध (close) किए गए, वहीं एक मामले में आवेदिका को काउंसलर के साथ जाकर अपना सामान सुरक्षित वापस लाने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त, जाति प्रमाण-पत्र और आधार कार्ड से संबंधित विवादित मामलों में आयोग ने स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष कानूनी कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र हैं। सुनवाई के दौरान कई मामलों में दोनों पक्षों की सहमति के बाद उन्हें नस्तीबद्ध किया गया।
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