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जब मुख्य मार्ग ही असुरक्षित हों, तो शहर की सुरक्षा के दावों पर भरोसा कैसे किया जाए?

रिपोर्ट :- अमित पवार प्रधान संपादक खबर ताजा न्यूज

बिलासपुर नगर निगम के जोन क्रमांक-7, सीपत मुख्य मार्ग (बसंत विहार), राजकिशोर नगर मुख्य मार्ग, बजरंग चौक और हनुमान गढ़ी मंदिर मार्ग की तस्वीरें शहर की बदहाल सड़कों की हकीकत बयां कर रही हैं। पिछले दो से तीन महीनों से इन प्रमुख मार्गों पर बने गहरे गड्ढे और टूटी सड़कें आम नागरिकों के लिए लगातार खतरा बनी हुई हैं, लेकिन नगर निगम प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।

विडंबना यह है कि शहर में एक ओर सड़क निर्माण के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हजारों लोगों की आवाजाही वाले मुख्य मार्गों पर गड्ढे खुलेआम दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहे हैं। इन मार्गों से प्रतिदिन स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएँ, बुजुर्ग, कर्मचारी, व्यापारी और हजारों वाहन गुजरते हैं। चौबीसों घंटे व्यस्त रहने वाले इन रास्तों की यह स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

सबसे गंभीर सवाल जोन क्रमांक-7 वार्ड कार्यालय के सामने की स्थिति को लेकर है। जहाँ एक ओर कार्यालय के आसपास की सड़कें जर्जर हैं, वहीं हजारों लीटर पानी प्रतिदिन वार्ड कार्यालय के ठीक सामने लगातार बह रहा है। यदि नगर निगम अपने ही कार्यालय के आसपास जल रिसाव और सड़क की समस्या पर ध्यान नहीं दे पा रहा है, तो शहर के अंदरूनी इलाकों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

आखिर सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन मुख्य मार्गों की सुरक्षा और मरम्मत सुनिश्चित नहीं कर पा रहा है, तो आम नागरिक किससे उम्मीद करे? यदि कल इन गड्ढों के कारण किसी मासूम बच्चे, बुजुर्ग या राहगीर की जान जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

“खबर ताजा न्यूज़” एक पत्रकार और आम नागरिक होने के नाते नगर निगम प्रशासन से कुछ सीधे सवाल पूछता है—

जब मुख्य मार्गों की यह हालत है, तो अंदरूनी वार्डों की स्थिति कैसी होगी?

जोन कार्यालय के सामने बह रहे हजारों लीटर पानी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के दावों के बीच जनता को सुरक्षित सड़कें कब मिलेंगी?

किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही क्या प्रशासन की नींद खुलेगी?

शहर की जनता केवल सुविधाएँ नहीं, बल्कि सुरक्षित सड़क, जिम्मेदार प्रशासन और समय पर कार्रवाई की अपेक्षा रखती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर निगम इन तस्वीरों को केवल शिकायत मानता है या जनता की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा समझकर तत्काल कार्रवाई करता है।

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