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रिपोर्ट:- बिलासपुर प्रधान संपादक, खबर ताज़ा न्यूज – अमित पवार
खेती-किसानी के बदलते दौर में बिलासपुर के किसान अब आधुनिकता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। परंपरागत खेती के साथ-साथ अब किसान नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी फसलों में शानदार परिणाम देख रहे हैं।
नैनो तकनीक से बदली खेती की तस्वीर
जिले के प्रगतिशील किसान परशुराम का अनुभव इस बदलाव की गवाही दे रहा है। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग करने वाले किसान परशुराम ने बताया कि इस तकनीक से न केवल खेती की लागत कम हुई है, बल्कि उत्पादन में भी बेहतर परिणाम मिले हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन उर्वरकों को लाने-ले जाने में काफी आसानी होती है और यह फसलों के लिए बेहद प्रभावी हैं।

कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन सख्त
एक तरफ जहाँ किसान नई तकनीक अपनाकर समृद्ध हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन खाद की कालाबाजारी करने वाले असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। मल्हार और सेन्दरी जैसे क्षेत्रों में छापेमारी कर प्रशासन ने अवैध रूप से भंडारित खाद को जब्त किया है और संबंधित गोदामों को सील कर दिया है।

कृषि विभाग की ओर से स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों के खिलाफ ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ और ‘उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985’ के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को सलाह: सतर्कता ही सुरक्षाप्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खाद और बीज केवल पंजीकृत सहकारी समितियों या लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदें और खरीद का रसीद जरूर लें। साथ ही, नकली या मिलावटी खाद से सावधान रहने की भी सलाह दी गई है।

किसानों के हितों की रक्षा के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि खाद की पर्याप्त उपलब्धता रहे और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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