Popular Posts

“चार मजदूर बाल-बाल बचे, भरभराकर गिरी बाउंड्री वॉल; वार्ड 51 में नाली निर्माण की निगरानी पर गंभीर सवाल

रिपोर्ट : – अमित पवार प्रधान संपादक खबर ताजा न्यूज

बिलासपुर। वार्ड क्रमांक 51, राजकिशोर नगर में चल रहे नाली निर्माण कार्य के दौरान गौरहा परिवार की बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर नाली में गिर गई। घटना के वक्त दीवार के पास दो महिला और दो पुरुष मजदूर काम कर रहे थे। मिट्टी धंसने का एहसास होते ही मजदूरों ने खतरा भांपा और तुरंत वहां से भागकर अपनी जान बचाई। उनके हटते ही बाउंड्री वॉल उनके बेहद करीब आकर गिर गई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी मजदूर के घायल होने की सूचना नहीं है।

पहले भी उठे थे निर्माण कार्य पर सवाल

स्थानीय जानकारी के अनुसार, नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर पार्षद द्वारा पूर्व में भी संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर को आपत्ति जताई गई थी। निर्माण कार्य में सुधार की बात कहे जाने के बावजूद अब बाउंड्री वॉल गिरने की घटना सामने आने के बाद एक बार फिर काम की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

मौके पर निर्माण कार्य के दौरान संबंधित सुपरवाइजर, निगम के इंजीनियर और ठेकेदार की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी हो गया है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी कौन कर रहा था और मजदूरों की सुरक्षा के लिए मौके पर क्या इंतजाम किए गए थे।

ठेकेदार ने दी सफाई, कहा—पुरानी और जर्जर थी दीवार

हालांकि, बाउंड्री वॉल गिरने के मामले में संबंधित ठेकेदार ने अपनी ओर से सफाई दी है। ठेकेदार के अनुसार, गिरने वाली दीवार काफी पुरानी और जर्जर थी तथा मौजूदा नाली के ऊपर बनी हुई थी। उनका कहना है कि दीवार में कॉलम भी नहीं था और पुरानी संरचना होने के कारण उसके गिरने की संभावना थी।

ठेकेदार ने यह भी बताया कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थे और घटनास्थल पर पहुंचने के बाद उन्होंने स्थिति देखी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से संबंधित परिवार की टूटी हुई बाउंड्री वॉल को दोबारा बनाकर देने की बात कही गई है। ठेकेदार के मुताबिक, परिवार भी इस समाधान के लिए सहमत है और बाउंड्री वॉल का निर्माण उनकी जिम्मेदारी पर कराया जाएगा।

हालांकि, दीवार के गिरने का वास्तविक कारण क्या था, यह मौके की स्थिति और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

चार मजदूरों की जान बची, लेकिन सवाल गंभीर

इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिस समय बाउंड्री वॉल गिरी, उस समय उसके बेहद पास चार मजदूर काम कर रहे थे। मजदूरों ने समय रहते वहां से हटकर अपनी जान बचाई। अगर कुछ सेकंड की भी देरी होती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

ऐसे में सवाल उठता है कि निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या जरूरी सावधानियां बरती जा रही थीं? यदि दीवार की स्थिति पहले से जर्जर थी, तो नाली निर्माण शुरू करने से पहले उसकी सुरक्षा को लेकर कोई आकलन किया गया था या नहीं?

ठेके के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि निर्माण कार्य का ठेका राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़े व्यक्ति को मिला है। हालांकि इस संबंध में स्वतंत्र रूप से पुष्टि किया जाना बाकी है। इसलिए इस पहलू की भी जांच जरूरी है कि ठेका किस प्रक्रिया के तहत दिया गया और निर्माण कार्य की निगरानी की जिम्मेदारी किन अधिकारियों और कर्मचारियों की थी।

किसी भी ठेकेदार की राजनीतिक या व्यक्तिगत पहचान से अलग, निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन होना जरूरी है। यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

दोबारा तकनीकी जांच की जरूरतबाउंड्री वॉल गिरने के बाद अब वार्ड 51, राजकिशोर नगर में चल रहे नाली निर्माण कार्य की दोबारा तकनीकी जांच की मांग उठ रही है। जांच में नाली की डिजाइन, निर्माण की गुणवत्ता, इस्तेमाल की गई सामग्री, पुरानी बाउंड्री वॉल की स्थिति, सुरक्षा इंतजाम और निर्माण कार्य की निगरानी जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए।

ठेकेदार की ओर से दी गई सफाई में दीवार के पुरानी और जर्जर होने तथा नाली के ऊपर बने होने की बात कही गई है। वहीं, मजदूरों के बाल-बाल बचने की घटना ने निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

अब देखना होगा कि नगर निगम और संबंधित विभाग इस मामले में तकनीकी जांच कर वास्तविक कारण सामने लाते हैं या नहीं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।

आज चार मजदूर सुरक्षित बच गए, लेकिन यह घटना निर्माण स्थल पर सुरक्षा और निगरानी को लेकर एक अहम सवाल जरूर छोड़ गई है—अगर अगली बार समय रहते मजदूर वहां से नहीं हट पाए तो जिम्मेदारी किसकी होगी?

घटना के बाद पार्षद ने कार्यस्थल का किया मुआयना, ठेकेदार और इंजीनियर से जवाब-तलब की बात

बाउंड्री वॉल गिरने की घटना की जानकारी मिलने के बाद वार्ड पार्षद ने दोबारा मौके पर पहुंचकर पूरे कार्य क्षेत्र का जायजा लिया। पार्षद ने नाली निर्माण स्थल और क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल का बारीकी से मुआयना किया और मौके की स्थिति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान पार्षद ने निर्माण कार्य से जुड़े संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर से भी चर्चा की। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, मौके पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही।

पार्षद का कहना है कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही, बाउंड्री वॉल गिरने की घटना के वास्तविक कारणों को सामने लाने के लिए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जांच और कार्रवाई की बात कही गई है।

घटना के बाद पार्षद के मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने से अब उम्मीद है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर संबंधित विभाग की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *