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बड़ी खबर: सिम्स बिलासपुर के डॉक्टरों ने दिखाई तत्परता, चाकू हमले में गंभीर घायल 15 वर्षीय किशोर को दिया नया जीवन

रिपोर्ट :- अमित पवार प्रधान संपादक खबर ताजा न्यूज

बिलासपुर। शहर के सिम्स (CIMS) अस्पताल के चिकित्सकों ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए मौत के मुंह में समाए 15 वर्षीय किशोर की जान बचा ली है। चाकू हमले में गंभीर रूप से घायल इस किशोर को जटिल सर्जरी के बाद नया जीवनदान मिला है।

क्या था पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, सिरगिट्टी निवासी 15 वर्षीय किशोर पर 11 जुलाई की रात लगभग 8:30 बजे चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। गंभीर अवस्था में उसे रात 9 बजे सिम्स के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। स्थिति इतनी नाज़ुक थी कि चाकू का वार पेट और छाती के महत्वपूर्ण अंगों को चीरते हुए निकल गया था। पेट की दीवार फटने से आंतें बाहर आ गई थीं और दाहिनी छाती में चोट के कारण फेफड़ों पर गहरा दबाव बना हुआ था, जिससे किशोर को सांस लेने में संघर्ष करना पड़ रहा था।

डॉक्टरों ने समय रहते की जानलेवा जटिलताओं को नियंत्रितआंतों में कई छेद होने के कारण पेरिटोनाइटिस, सेप्सिस और अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा बना हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीन डॉ. रमणेश मूर्ति के निर्देश पर तत्काल सर्जरी विभाग को सक्रिय किया गया। वरिष्ठ सर्जन डॉ. बृजेश पटेल के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। शल्य चिकित्सा टीम में डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह, डॉ. शुभा एक्का, डॉ. रवि राजवाड़े और पी.जी. रेजिडेंट डॉ. कुणाल शामिल रहे, जबकि ओ.टी. सिस्टर अंजिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ऑपरेशन के दौरान आंतों के छेदों की मरम्मत की गई और आंतरिक रक्तस्राव को नियंत्रित किया गया। सर्जरी के बाद मरीज को एनेस्थीसिया विभाग की गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में शिफ्ट किया गया, जहाँ विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. अपर्णा मिश्रा और उनकी टीम ने 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी। अब मरीज की स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।

संस्थान की टीम भावना की जीत

सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने इसे ‘गोल्डन ऑवर’ प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण बताया है। वहीं, अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि सिम्स लगातार जटिल से जटिल मामलों में मरीजों को नई जिंदगी देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफलता संस्थान की आधुनिक सुविधाओं और डॉक्टरों की कड़ी मेहनत का परिणाम है।

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