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बिलासपुर यातायात पुलिस की अनूठी पहल: अब स्कूलों में शनिवार को पढ़ाया जाएगा ‘सड़क सुरक्षा’ का पाठ, ‘यातायात दिग्दर्शिका’ का विमोचन

रिपोर्ट :- अमित पवार प्रधान संपादक खबर ताजा न्यूज

बिलासपुर | जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और स्कूली बच्चों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से बिलासपुर यातायात पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। डीआईजी व एसएसपी रजनेश सिंह के दिशा-निर्देशों पर यातायात पुलिस ने शहर के शासकीय, अर्ध-शासकीय और निजी विद्यालयों के प्राचार्यों और प्रबंधकों के साथ एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण यातायात पुलिस द्वारा तैयार की गई विशेष पुस्तक ‘यातायात दिग्दर्शिका’ का विमोचन रहा। अब जिले के सभी स्कूलों में हर शनिवार को ‘यातायात की पाठशाला’ लगेगी, जिसमें छात्रों को सड़क सुरक्षा के नियमों और मापदंडों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

बैठक की मुख्य बातें:​सख्त निर्देश: एसएसपी रजनेश सिंह ने माननीय उच्चतम न्यायालय की 18-बिंदु गाइडलाइन का अक्षरशः पालन करने के सख्त निर्देश दिए। विशेष रूप से स्कूली बच्चों के परिवहन और उनके सुरक्षित आवागमन को लेकर स्कूल प्रबंधन को जवाबदेह बनाया गया है।​

अभिभावकों के लिए संदेश पटल: प्रत्येक स्कूल में मुख्य द्वार पर एक ‘संदेश पटल’ लगाना अनिवार्य किया गया है, जिस पर सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर होने वाली कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का स्पष्ट उल्लेख होगा।​

असामाजिक तत्वों पर निगरानी: स्कूल के 100 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों या प्रतिबंधित धूम्रपान सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने हेतु स्कूल प्रबंधकों को ‘कोटपा एक्ट’ के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करने को कहा गया है। साथ ही, बच्चों द्वारा डिजिटल उपकरणों के नकारात्मक इस्तेमाल पर भी पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

​नैतिक शिक्षा पर जोर: कार्यक्रम में इस बात पर भी चर्चा हुई कि शिक्षकों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ छात्रों को नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीयता का पाठ भी पढ़ाना चाहिए, ताकि वे एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे, एएसपी (शहर) पंकज पटेल, सीएसपी गगन कुमार, निमितेश सिंह, डीएसपी शिव चरण परिहार और आरआई भूपेंद्र गुप्ता सहित जिले भर के 350 से अधिक स्कूलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

​प्रशासन की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि न केवल स्कूली बच्चों में यातायात नियमों के प्रति समझ बढ़ेगी, बल्कि बिलासपुर की सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

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