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बेलतरा में पर्यावरण का ‘कत्लेआम’: कछार, सेंदरी के बाद अब खैरा-डंगनिया के सागौन जंगल पर माफियाओं की नजर

रिपोर्ट: अमित पवार, प्रधान संपादक खबर ताजा न्यूज

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और अवैध खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कछार, सेंदरी और लोफंदी की नदियों के बाद अब खैरा-डंगनिया के सागौन जंगल भी माफियाओं के निशाने पर आ गए हैं। बेलतरा के जंगलों में पेड़ों की अवैध कटाई और मुरुम के बेतहाशा खनन को लेकर कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने तीखे तेवर अपनाते हुए इसे क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर के लिए गंभीर खतरा बताया है।

सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार: अंकित गौरहा​

कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। गौरहा ने कहा, “पिछले काफी समय से हम कछार, सेंदरी और लोफंदी में हो रहे अवैध रेत खनन के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं। प्रशासन को दर्जनों बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब आलम यह है कि माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खैरा-डंगनिया के सागौन जंगल में पेड़ों को काटकर अवैध मुरुम खनन कर रहे हैं।”

उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि इस अवैध उत्खनन के पीछे सत्ताधारी दल के नेताओं का संरक्षण है। गौरहा के अनुसार, नदियों के सीना छलनी करने, खेतों और तालाबों को उजाड़ने के बाद अब बुलडोजर सीधे तौर पर वनों और पर्यावरण को तबाह कर रहे हैं।

​”विकास के नाम पर विनाश बर्दाश्त नहीं”

​अंकित गौरहा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बेलतरा की जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने मांग की कि पूरे क्षेत्र में हो रहे खनन की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो और इसमें शामिल रसूखदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

गौरहा ने यह भी जोड़ा कि क्षेत्र की जनता विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन प्राकृतिक संपदा को दांव पर लगाकर किए जा रहे विनाश को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह संसाधन आने वाली पीढ़ियों की अमानत हैं और इन्हें बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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