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एसईसीएल और कोडविद्या के ‘माई स्कूल माई स्टार्टअप’ अभियान के तहत डीएवी वसंत विहार में हुआ आयोजन, शीर्ष 10 टीमों ने पेश किए स्टार्टअप आइडिया

रिपोर्ट : – अमित पवार प्रधान संपादक खबर ताजा न्यूज

एसईसीएल और कोडविद्या के ‘माई स्कूल माई स्टार्टअप’ अभियान के तहत डीएवी पब्लिक स्कूल वसंत विहार में हुआ आयोजन

बिलासपुर, 7 अक्टूबर 2026। शहर के वसंत विहार स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल के ऑडिटोरियम में बुधवार को ‘आइडियाथॉन 2026’ का आयोजन किया गया। कोडविद्या इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में चयनित शीर्ष 10 टीमों ने अपने स्टार्टअप आइडिया और प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रोबोट और विभिन्न तकनीकी मॉडलों के माध्यम से रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान से जुड़े अपने विचार सामने रखे। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के समन्वय से तैयार किए गए इन प्रोजेक्ट्स में तकनीक के साथ-साथ समस्या समाधान और उपयोगिता पर भी जोर दिया गया।

प्रस्तुत किए गए प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन निर्णायकों ने आइडिया की मौलिकता, तकनीकी समझ और उसकी उपयोगिता के आधार पर किया। विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली और उनके संभावित उपयोग के बारे में अतिथियों एवं निर्णायकों को जानकारी दी।

डॉग्स के लिए स्मार्ट वॉच को पहला पुरस्कार

मूल्यांकन के बाद विजेता टीमों की घोषणा की गई। ‘डॉग्स के लिए स्मार्ट वॉच’ तैयार करने वाली टीम को प्रथम पुरस्कार मिला। टीम को ₹50 हजार की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

दूसरे स्थान पर एआई शिक्षकों वाले ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का आइडिया रहा, जिसके लिए टीम को ₹30 हजार की पुरस्कार राशि दी गई। वहीं, आम लोगों की कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए तैयार किए गए ‘न्याय मित्र’ वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म को तीसरा स्थान मिला। विजेता टीम को ₹20 हजार की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

9 डीएवी स्कूलों में चल रहा ‘माई स्कूल माई स्टार्टअप’

‘माई स्कूल माई स्टार्टअप’ अभियान एसईसीएल के सहयोग से उसके अंतर्गत संचालित सभी 9 डीएवी स्कूलों में चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत विद्यार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स, वित्तीय साक्षरता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स और उनके नवाचारी विचारों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को अपनी प्रतिभा और रचनात्मक सोच को सामने रखने के लिए ऐसे मंच मिलना जरूरी है।

मीडिया से चर्चा के दौरान श्री दास ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। नवाचार और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवा भविष्य में तकनीक और नवाचार के माध्यम से मानव जीवन से जुड़ी कई चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजन की सोच देने पर जोर

कोडविद्या के संस्थापक श्री शिवराम ने कहा कि ‘माई स्कूल माई स्टार्टअप’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार और समस्याओं को नए नजरिए से देखने की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य श्री के. पार्थिपन ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए रोबोट और प्रोटोटाइप उनकी रचनात्मकता के साथ-साथ तकनीकी समझ को भी दर्शाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में कोडविद्या के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री चैतन्य ने अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

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