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पीएससी चयन प्रक्रिया पर उठे सवालों से डगमगाया था युवाओं का भरोसा, अब व्यवस्था में विश्वास लौटने का दावा

प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में युवा आयोग अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने रखी बात, कहा—पारदर्शी व्यवस्था और युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाना प्राथमिकता

रिपोर्ट : – अमित पवार प्रधान संपादक खबर ताजा न्यूज

बिलासपुर। पीएससी की चयन प्रक्रिया को लेकर पूर्व में उठे सवालों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच व्यवस्था को लेकर भरोसे पर असर डाला था। चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और प्रभावशाली परिवारों से जुड़े लोगों के चयन को लेकर उठे सवालों के कारण कई युवाओं में यह धारणा बनी कि कड़ी मेहनत के बावजूद अवसर सभी के लिए समान नहीं हैं। अब सरकार के करीब पौने तीन साल के कार्यकाल में युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा फिर से मजबूत होने का दावा किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने रविवार को बिलासपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा के दौरान युवाओं, शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच व्यवस्था के प्रति विश्वास बहाल करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता में शामिल है।

मेहनत के बाद भी अवसर तय होने का अहसास चिंता का विषय

तोमर ने कहा कि शिक्षा रोजगार और स्वरोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम है। कोई युवा कई वर्षों तक पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। ऐसे में यदि उसे यह महसूस हो कि जिस पद के लिए वह मेहनत कर रहा है, उसका अवसर पहले से किसी अन्य व्यक्ति के लिए तय है, तो उसका सरकार और व्यवस्था के प्रति विश्वास कमजोर होना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पारदर्शिता के साथ युवाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

‘अब चयनित युवा सम्मान के साथ गांव लौट रहा’

युवा आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आए दो पीएससी परिणामों के बाद चयनित युवाओं की स्थिति में बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चयनित युवा अपने गांव में सम्मान के साथ लौट रहा है। गांव और चौक-चौराहों पर उसका स्वागत हो रहा है और उसे अपनी सफलता को लेकर किसी तरह की झिझक महसूस नहीं हो रही।

तोमर ने इसे युवाओं के बीच व्यवस्था के प्रति भरोसा और आत्मविश्वास लौटने का संकेत बताया।

हर जिले में मुफ्त पीएससी कोचिंग का प्रयास

उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति प्रतिभाशाली युवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बाधा न बने, इसके लिए प्रदेश के हर जिले में मुफ्त प्रशासनिक सेवा और पीएससी कोचिंग शुरू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि बेहतर मार्गदर्शन और संसाधनों की उपलब्धता से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल सकेगा।

युवाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए मोटिवेशनल कार्यक्रमों के आयोजन की भी जानकारी उन्होंने दी। बिलासपुर, रायपुर और अंबिकापुर में छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को प्रेरित करने के लिए ‘सुपर-30’ के आनंद कुमार को आमंत्रित किए जाने की जानकारी भी दी गई।

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने पर भी जोरतोमर ने कहा कि युवाओं के विकास को केवल शिक्षा और रोजगार तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए युवा रत्न और खेल रत्न सम्मान जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है, जहां युवा रत्न सम्मान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, मार्गदर्शन और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी हैं। सरकार की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था तैयार करने की है, जिसमें युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा के भरोसे आगे बढ़ सके।

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