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कृषि पंप के बिलों में पेनाल्टी कटौती पर भड़के ठेकेदार, बिजली विभाग में जमकर प्रदर्शन

रिपोर्ट : – अमित पवार प्रधान संपादक खबर ताजा न्यूज

करीब दो करोड़ रुपये से अधिक के बिल लंबित होने का दावा, कार्यपालन अभियंता पर 3 प्रतिशत राशि मांगने का आरोप

बिलासपुर। तिफरा स्थित बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता (परियोजना) के कार्यालय में गुरुवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब कृषि पंप विद्युतीकरण कार्य से जुड़े ठेकेदार बिलों में पेनाल्टी की कटौती के विरोध में कार्यालय पहुंच गए। ठेकेदारों ने कार्यालय परिसर में धरना दिया और अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते हुए विभागीय कार्रवाई पर नाराजगी जताई।

ठेकेदारों का कहना है कि पिछले वित्तीय वर्ष में किए गए कृषि पंप विद्युतीकरण कार्यों के बिलों में बड़ी रकम पेनाल्टी के रूप में काटी जा रही है। उनका तर्क है कि कृषि पंप का काम सीधे खेतों में किया जाता है, जहां कई बार ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जिनके कारण काम तय समय सीमा में पूरा करना मुश्किल हो जाता है। खेत में पानी भरा होना, फसल लगी होना अथवा भूमि को लेकर किसानों के बीच विवाद जैसी परिस्थितियों का सीधा असर कार्य की समयसीमा पर पड़ता है।

ठेकेदारों के मुताबिक, ऐसे मामलों में कार्य में देरी की जानकारी विभाग को पत्राचार या मौखिक रूप से दी जाती रही है। इसके बावजूद इस बार बिलों से पेनाल्टी की रकम काटी जा रही है। ठेकेदारों का दावा है कि अलग-अलग कृषि पंप कार्यों से संबंधित करीब दो करोड़ रुपये से अधिक के बिल लंबित हैं और इन पर विभाग द्वारा पेनाल्टी वसूली की तैयारी की जा रही है।

प्रदर्शन कर रहे कुछ ठेकेदारों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने कार्य में हो रही देरी की जानकारी विभाग को लिखित रूप में दी थी, लेकिन इसके बावजूद उनके बिलों से पेनाल्टी काट ली गई। इसी मुद्दे को लेकर ठेकेदारों ने लामबंद होकर कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया और विभाग से पेनाल्टी की कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की।

कार्यपालन अभियंता पर 3 प्रतिशत राशि मांगने का आरोप

विरोध के दौरान ठेकेदारों ने कार्यपालन अभियंता (परियोजना) पर बिलों के भुगतान के एवज में कथित तौर पर 3 प्रतिशत राशि मांगने का आरोप भी लगाया। ठेकेदारों का आरोप है कि राशि नहीं देने पर उन्हें अलग-अलग नियमों का हवाला देकर परेशान किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

क्लर्क पर 1000 रुपये लेने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान कार्यालय में पदस्थ एक क्लर्क को लेकर भी ठेकेदारों ने शिकायत की। उनका आरोप था कि बिल आगे बढ़ाने के एवज में क्लर्क द्वारा 1000 रुपये की मांग की जाती है। ठेकेदारों के अनुसार, जब प्रदर्शन के दौरान अधिकारी की मौजूदगी में क्लर्क से इस संबंध में सवाल किया गया तो उसने कथित तौर पर ठेकेदार से 1000 रुपये लेने की बात स्वीकार की।

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