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महोत्सव के नाम पर सियासत, बेलतरा की मूलभूत समस्याएं जस की तस: अंकित गौरहा

नगपुरा मेला महोत्सव का नाम बदलने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार पर साधा निशाना

रिपोर्ट:- अमित पवार संपादक खबर ताजा न्यूज

बिलासपुर/बेलतरा। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों और स्थानीय आयोजनों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नगपुरा मेला महोत्सव का नाम बदलकर ‘बेलतरा महोत्सव’ किए जाने को लेकर कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने आपत्ति जताते हुए सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा है। गौरहा का कहना है कि क्षेत्र की पारंपरिक पहचान से जुड़े आयोजन का नाम बदलने के बजाय सरकार को जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता देनी चाहिए।

नगपुरा मेला महोत्सव के नाम परिवर्तन पर सवाल

अंकित गौरहा ने कहा कि नगपुरा मेला महोत्सव लंबे समय से क्षेत्र की परंपरा और पहचान से जुड़ा आयोजन रहा है। उनके मुताबिक, पहले यह आयोजन करीब सात दिनों तक होता था, लेकिन अब इसका नाम बदलकर ‘बेलतरा महोत्सव’ कर दिया गया है और आयोजन की अवधि भी कम की गई है।

गौरहा ने दावा किया कि नाम परिवर्तन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों की ओर से पहले भी आपत्ति जताई गई थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े आयोजन की पहचान को बनाए रखना जरूरी है।

‘चाहें तो हर महीने एक महोत्सव करा दें’

बेलतरा महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री द्वारा 30 लाख रुपये की घोषणा को लेकर भी गौरहा ने सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को महोत्सव आयोजित करने में इतनी रुचि है तो अतिरिक्त राशि की घोषणा कर हर महीने एक नया महोत्सव आयोजित किया जा सकता है।

गौरहा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इससे शायद क्षेत्र के लोग कुछ समय के लिए अपनी सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत समस्याओं को भूल जाएं। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

‘प्राथमिकता तय करे सरकार’

अंकित गौरहा ने कहा कि बेलतरा की जनता को महोत्सव से आपत्ति नहीं है, बल्कि उनका सवाल आयोजन की पारंपरिक पहचान और नाम में किए गए बदलाव को लेकर है। उन्होंने सरकार से क्षेत्रवासियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नगपुरा मेला महोत्सव की पुरानी पहचान और परंपरा को बनाए रखने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को यह तय करना होगा कि क्षेत्र की प्राथमिकता महोत्सव है या जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान।

हालांकि, गौरहा द्वारा लगाए गए आरोपों और दावों पर सरकार या स्थानीय भाजपा जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जा सकता है।

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